October 20, 2018

5 top ways to earn money from a blog in Hindi हिंदी में ब्लॉगिंग से पैसा कमाने के 5 टॉप तरीके

हिंदी में ब्लॉगिंग से पैसा कैसे कमाएं? How to earn from blogging in Hindi?


यह प्रश्न बार-बार पूछा जाता है. हम इस प्रश्न का उत्तर दो हिस्सों में देना चाहेंगे. एक, क्या ब्लॉगिंग से पैसा कमाया जा सकता है, और हाँ तो कैसे. दूसरे, हिंदी में ब्लॉगिंग  क्या पैसा कमाने के मामले में अंग्रेज़ी में ब्लॉगिंग की तरह असरदार है?

ब्लॉगिंग से धनार्जन (earning from blogging) के बारे में इंग्लिश में हज़ारों पोस्टें आपको वेबसाइटौं पर मिल जाएंगी. मिल तो हिंदी में भी जाएंगी, साथ में YouTube में वीडियो भी. हमने देखा है कि चूंकि ब्लॉग से धन कमाने की चाहत रखने वाले ब्लॉगर बहुत जल्दी में होते हैं, ये वेबसाइटें और वीडियो उनके सामने चारे की तरह ऐसे नुस्खे परोसते हैं कि बेचारे ब्लॉगर उनके भरोसे अनाप-शनाप कदम उठाते हैं और या तो छोटे समय के लिए कुछ पैसे कमा कर बैठ जाते हैं या फिर बिलकुल पैसे नहीं कमा पाते.

यह स्पष्ट करना ज़रूरी है कि जब हम ब्लॉगिंग की बात करते हैं तो न केवल पारम्परिक ब्लॉग की बात होती है, बल्कि किसी भी तरह की पठन/ दृश्य सामग्री (content) को अपनी वेबसाइट पर डालना और उससे सम्बंधित काम ब्लॉगिंग के दायरे में आते हैं. लेकिन इस पोस्ट पर हम बात करेंगे पारम्परिक ब्लॉग की.

चलें?


क्या हिंदी में ब्लॉगिंग से पैसा कमाया जा सकता है? Can we earn money from blogging in Hindi?


बिलकुल. हज़ारों लोग ब्लॉगिंग से धन कमा रहे हैं. यह बात अलग है कि ज़्यादातर ब्लॉग ऐसे हैं जिन्हें पैसा कमाने के लिए नहीं बनाया गया है. यह भी एक कड़ुआ सत्य है कि अमेरिका में हाली एक सर्वे से पता लगा है कि पैसा कमाने के लिए बनाए गए हर 100 ब्लॉगों में से केवल 2 ही अच्छा धन कमा पाते हैं, बाक़ी 98 अपने पूरे जीवन काल में 100 डॉलर भी नहीं कमा पाते! और ये 2 ब्लॉगों के मालिक बहुत मेहनत करते हैं और अपने ब्लॉग को सुन्दर रूप में रखने, उसमें अच्छी सामग्री लगाने और उससे धनार्जन करने के प्रक्रिया में. 

हिंदी में ब्लॉगिंग  से भी पैसा अर्जित करना संभव है. कई ब्लॉगर इस विधा से पैसा कमा रहे हैं, और कुछेक मित्रों ने अपने ब्लॉगों पर यह बात साझा भी की है. लेकिन यह हिंदी में ब्लॉगिंग से रुपये बनाना इंग्लिश ब्लॉगों की तुलना में ज़्यादा कठिन है क्योंकि बड़े (ज़्यादा पैसा खर्च करने वाले) ब्रांड हिंदी में विज्ञापन देने से कतराते हैं.

चलिए, चलते हैं मुख्य बात पर: 

हिंदी ब्लॉग से धन कैसे कमाएं How to make money from a Hindi blog




यूँ तो आपको हिंदी ब्लॉगिंग से पैसे कमाने के बारे में सैकड़ों पोस्टें और YouTube पर वीडियो दिख जाएंगे, लेकिन यह जान लेना ज़रूरी है कि क्या वो कारगर हैं. वो कौन से तरीके हैं जिनसे 2018-19 में भी पैसे कमाए जा सकते हैं क्योंकि कुछेक ऐसे तरीके जो 2008 के आस-पास कारगर थे, अब काम के नहीं रहे. 

इससे पहले कि हम इन तरीकों की बात करें, दो छोटी बातें

एक, बहुत सारे ऐसे ब्लॉगर साथियों ने जो ब्लॉगिंग से खूब धन अर्जित कर चुके हैं, यह बात कही है कि वो केवल एक तरीका नहीं अपनाते. और कुछ ने यह भी कहा है कि उन्होंने सब तरीके अपना कर देखे और केवल एक या दो तरीके ही उनके काम आए. ब्लॉग किस विषय में है, किस तरह की जानकारी आप उसमें देते हैं, आप उसे प्रमोट करने के लिए क्या करते हैं, आप कितने पॉपुलर हैं - ऐसे कई कारक हैं जो ब्लॉग से धन अर्जन को प्रभावित करते हैं. 

दो, ब्लॉग को अपनी इंटरनेट पर अपनी अन्य गतिविधियों से अलग न करें बल्कि सबको एक-दूसरे के संवर्धन में भागीदार बनाएं. सोशल मीडिया प्लेटफार्म (जैसे कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, पिनटेरेस्ट और ट्विटर) तथा यू-टयूब को ब्लॉग के साथ दो-तरफ़ा जोड़े रखें. 


ये रहे 5 प्रभावी तरीके हिंदी में ब्लॉग से धन कमाने के 5 effective ways to make money from blogging in Hindi


1. AdSense (एडसेंस)


यह एक ऐसा तरीका है जिसे ठीक से ब्लॉग पर अपनाया जाए तो धीरे-धीरे लेकिन बिना बहुत मेहनत के धनार्जन किया जा सकता है. इसके लिए आपको अपने ब्लॉग को गूगल की AdSense की वेबसाइट पर रजिस्टर कराना होता है, जो मुफ्त है. लेकिन गूगल हर आवेदन को स्वीकार नहीं करता. AdSense का खाता ऐप्रूव होने के लिए यह ज़रूरी है कि आपका ब्लॉग बिलकुल नया न हो और उसमें कम से कम 8-10 पोस्ट हों जिनमें काम की जानकारी हो. 

खाता खुल जाने के बाद, ब्लॉग में जाकर विज्ञापन को लगाना होता है, जो बेहद सरल है, बशर्ते कि आप का ब्लॉग या तो paid हो जिसमें आप कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हैं; अगर वह मुफ्त ब्लॉग है तो आप AdSense केवल Blogger ब्लॉग में लगा सकते हैं. Wordpress के फ्री ब्लॉग में  AdSense की app लगानी हो तो उसकी फीस है. 

अगर आपका ब्लॉग paid या फिर Blogger में है, तो एक ब्लॉग में अधिकतम 3 स्थानों पर आप AdSense की app लगा सकते हैं. Blogger में Layout और फिर या तो Post gadget या Add new gadget में जाकर ये काम कर सकते हैं. आप इन्हीं स्थानों पर जाकर कभी भी AdSense app का स्थान बदल सकते हैं या उनका साइज़ या रूप बदल सकते हैं. 

अगर आपने अब तक अपने ब्लॉग में AdSense विज्ञापन नहीं लगाया है तो हो सकता है आपको कठिन लगे लेकिन 2-4 बार कोशिश करने के बाद आपको यह बिल्कुल सरल लगेगा.

होता यह है कि आपकी वेबसाइट पर आने वाला व्यक्ति जब AdSense के विज्ञापनों पर क्लिक करता है तो एक छोटी सी धनराशि गूगल आपके AdSense खाते में डाल देता है. लेकिन ध्यान रहे, AdSense का विज्ञापन लगा देने मात्र से आप अपने ब्लॉग से पैसे नहीं कमाने लगते.

वेब रिपोर्टों से और हिंदी के ब्लॉगर मित्रों से बात करने पर पता लगता है कि कुछ लोग तो ऐडसेंस से महीने में 1000 या अधिक डॉलर (60-70 हज़ार रुपये) कमा लेते हैं लेकिन ज्यादातर ब्लॉगर कुछ नहीं कमा पाते. यह जरूरी है कि आपके ब्लॉग में बहुत सारे लोग आएं और विज्ञापनों पर क्लिक करें. अगर आप ब्लॉक पर अच्छी सामग्री डालते रहेंगे और सोशल मीडिया के ज़रिए तथा search engine optimization द्वारा अपने ब्लॉग पर बहुत सारे लोगों को ला पाएंगे तभी आपको ज्यादा क्लिक मिलेंगे.

हमने इस तरीके को टॉप में इसलिए रखा है क्योंकि अगर आपका ब्लॉग बढ़िया तरीके से बनाया गया है और आप उसमें काम की जानकारी देते रहते हैं, और इस तरह काफी लोग ब्लॉग पर आते हैं, तो अलग से मेहनत किए बिना आप इससे पैसे कमा सकते हैं और धीरे-धीरे इसमें बढ़ोतरी होने की गुंजाइश होती है. 

गूगल ने इस विषय पर बहुत लाभदायक बातें कही हैं, उन्हें अपनाएं और अपने ब्लॉग को धनार्जन का माध्यम बनाएं. 

2. Affiliate marketing (एफिलिएट मार्केटिंग)

 
यह एक ऐसा तरीका होता है जिसमें कुछ कंपनियां आपके ब्लॉग पर अपने विज्ञापन लगाती हैं और अगर कोई व्यक्ति आपके ब्लॉग के मार्फ़त उनकी वस्तुएं खरीदता है तो आपको वह कंपनी कमीशन देती है. कई सारी ऐसी कंपनियां है जो अन्य कंपनियों से विज्ञापन लेकर आपको कमीशन देती हैं.

रिपोर्टों के मुताबिक निम्न मार्केटिंग कंपनियां हिंदी के ब्लॉगों के लिए ज़्यादा फायदेमंद हैं: फ्लिपकार्ट Flipkart, ऐमज़ॉन Amazon, शादी.कॉम shaadi.com, स्नैपडील Snapdeal, जबोंग Jabong

कुछ तरह के ब्लॉगों, यथा खान-पान तथा फैशन के ब्लॉगों, पर affiliate विज्ञापन अच्छा कमीशन अर्जित कर लेते हैं. इनमें प्रति खरीद AdSense के एक क्लिक की तुलना में काफ़ी अच्छा कमीशन मिलता है.

3. ब्लॉग को धनार्जन के लिए धुरी की तरह काम में लाएं Make blog the hub of money making activities 


अपने ब्लॉग को पैसे बनाने के हब याने धुरी के रूप में स्थापित करें. 
कई सफल ब्लॉगर साथियों का सही कहना है कि केवल लिखते रहने या कोरी ब्लॉगिंग के बल पर बहुत पैसे नहीं कमाए जा सकते, इसलिए यह ज़रूरी है कि ब्लॉग को धुरी बनाकर और उसकी मज़बूतियों का फायदा उठाकर अन्य उपक्रम किए जाएं तब ही ठीक-ठाक पैसे कमाए जा सकते हैं. यह उन ब्लॉगर मित्रों के किये बहुत महत्वपूर्ण है जो ब्लॉगिंग को अपना बिज़नेस बनाना चाहते हैं. 

कुछ काम जो ब्लॉगिंग से बहुत मेल खाते हैं (और ब्लॉगिंग के साथ एक दूसरे को मदद कर सकते हैं), इस तरह हैं:

  • अपने विषय पर ई-बुक बनाना और उसे मुफ्त में भेंट करना या बेचना 
  • ब्लॉग को आगे रखकर पत्र-पत्रिकाओं से लेख लिखने के लिए निवेदन करना 
  • ब्लॉग की प्रतिष्ठा के प्रभाव से अपने विषय पर ट्रेनिंग/ कोर्स शुरू करना 
  • ब्लॉग का उपयोग अपने उत्पाद या सेवा की वृद्धि के लिए करना (नीचे चौथे बिंदु पर इस विषय में अधिक विस्तार से चर्चा की गई है.)

    4. ब्लॉग द्वारा अपने उत्पाद और सेवा का विपणन करें Sell own services and products 


    आप अगर किसी वस्तु का व्यापार करते हैं, किसी क्राफ्ट या आर्ट की वस्तु बनाते हैं (जैसे कि पेंटिंग, स्केच, घर में बनी सजाने की वस्तुएं) या आप पुस्तकें लिखते हैं तो ब्लॉग उन्हें प्रचारित करने का अच्छा माध्यम हो सकता है. 

    जैसा कि ऊपर कहा गया है, आप अपने कोर्स और ई-बुक इत्यादि शुरू करके उनका प्रचार ब्लॉग तथा सोशल मीडिया पर कर के धन कमा सकते हैं. 


    money from blogging


    5. पैसे लेकर उत्पादों व सेवाओं की समीक्षा करें तथा फ़र्मों से सीधे विज्ञापन लें Write paid reviews, seek direct advertisements


    यह भी ब्लॉग से पैसे कमाने का एक माध्यम है, लेकिन इससे अकेले ही बहुत पैसे नहीं कमाए जा सकते जब तक कि आप अपने ब्लॉग को एक ऊँचे स्तर पर स्थापित नहीं कर लेते. 

    करना यह होता है कि आप औरों के उत्पादों (यथा पुस्तकें, श्रृंगार सामग्री, होटल, रेस्टोरेंट, मोबाइल फ़ोन) या सेवाओं (यथा कोर्स, पर्यटन सेवाएं) के बारे में लिखते हैं और इसके बदले में आपको कंपनियां पैसे देती हैं. इसके लिए आवश्यक है कि आपका ब्लॉग एक विषय पर बहुत पसंदीदा ब्लॉग हो. तभी तो कोई कंपनी आपको अपने उत्पाद या सेवा के बारे में लिखने के किए पैसे देगी. यह स्तर हासिल कर लेने के बाद तो कम्पनियाँ आपको ब्लॉग पर लगाने के लिए  विज्ञापन भी दे सकती हैं!

    अगर आपके ब्लॉग में आपके इलाक़े के बारे में ज़्यादा सामग्री होती है और बहुत से स्थानीय लोग इस पर आते हैं तो लोकल सेवा देने वाली फर्में जैसे कि कोचिंग क्लास, ब्यूटी पार्लर, किराना स्टोर भी आपके ब्लॉग पर विज्ञापन दे सकते हैं.

    तो मित्रो, अगर आपको लम्बे समय तक ब्लॉग से कमाई करनी है तो ब्लॉग को अपनी बिज़नेस की तरह संवारिए और बचकाने तरीक़े के या अनुचित कदमों से पैसे कमाने की मत सोचिए. ब्लॉगिंग से पैसे कमाना मेहनत का काम है और इसे हलके से नहीं लेना चाहिए.

    अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो और आप इसे अपने ट्विटर मित्रों से शेयर करना चाहें तो इधर क्लिक करें:            

    October 18, 2018

    Social media and blogging updates: news on Google Plus, MeToo and BritMums

    Google Plus to close down for individuals, become enterprise product


    This is the biggest social media news of recent times, but not too unexpected. It appears that Google wanted to get rid of Google Plus. The tech giant's handling of social networks has been poor: It acquired Orkut and had to later abandon it; now comes Google Plus, which was tweaked a number of times but did not quite live up to consumer expectations.

    What spoils the taste further is that Google has linked the closure of the social network with a bug that they found in the Google Plus app that might have affected profile data of over 500,000 users.

    social media google plus


    In the post announcing 'sunsetting Consumer Google+', Google has said that they would provide a window to existing consumers to migrate their data and would now fine-tune the product for enterprise consumers among which it was popular:
    To give people a full opportunity to transition, we will implement this wind-down over a 10-month period, slated for completion by the end of next August. Over the coming months, we will provide consumers with additional information, including ways they can download and migrate their data.

    At the same time, we have many enterprise customers who are finding great value in using Google+ within their companies. Our review showed that Google+ is better suited as an enterprise product where co-workers can engage in internal discussions on a secure corporate social network. Enterprise customers can set common access rules, and use central controls, for their entire organization. We’ve decided to focus on our enterprise efforts and will be launching new features purpose-built for businesses. We will share more information in the coming days.

    Social media shows its prowess in exposing wrong-doing


    In another big social media news, the MeToo hashtag has claimed the first big head in India: junior foreign minister, MJ Akbar.

    #MeToo  on Twitter has caused a sort of social tsunami in India in the last one month. One after the other, nearly a hundred women have come out with cases of sexual harassment against bigwigs, and it is putting the top socialites to shame. They include actors, musicians, authors, politicians... and the trend has not yet died down. In fact, with Akbar's resignation, the moment has only strengthened.

    MJ Akbar is a venerated editor in Indian print media and before joining as Minister of State for External Affairs, had been a top guy in many national newspapers and magazines. His nemesis was one ex-colleague, Priya Ramani, who a fortnight back named him as one who would harass her when he was editor in a newspaper. Then came the deluge - by now 20 ladies have exposed mistreatment in his hands mostly dating around 20 years back. Akbar, who was on an official tour abroad, came back on 14th October and denied all allegations and then slapped a defamation lawsuit against Priya. The voices in the social media and political circles swelled and he had to submit his resignation on 17th October.

    Shows how it is so important to be above board in one's conduct, as skeletons might show up after ages. Even bigger point is the power of social media; most women have said they had to live with the feeling of suppression for ages because of the social status of the perpetrators and only now that social media has given them a tool, they have gained the courage to raise their voice.


    BritMoms releases 2018 awards for British mom bloggers 


    BritMums, a blogging collective of British bloggers, has announced Brilliance in Blogging Awards or BiBs for 2018. These awards are given to the best parenting lifestyle bloggers of the UK, judged mainly by readers' votes.

    Announcing the awards, BritMums has said:  In deciding the Winners, thousands of votes were cast across 11 categories for a host of excellent Influencers. In addition, the BritMums judging panel selected one person as a BritMums Choice Winner because of their work not only as an Influencer but as a positive force in the blogging and social media community


    social media- lifestyle blogging

    We find all the awards well-deserved. Bloggers may like to visit the awards page for checking the best in blogging scene and also to get inspiration from them: Awards for British parenting lifestyle blogging

    October 16, 2018

    10 types of static pages that give value and trust to blogs

    A blog is known by its posts, not pages, right? 

    Yes, but...

    While posts are the life-blood of a blog, standalone pages give the blog the required background support. And they need not be updated too often.

    What are the standalone pages on a blog and how to make best use of them?


    Posts and pages both are technically webpages and have a unique URL of their own. Pages are those webpages that are  not pushed down like posts when new matter is posted on the blog. Usually they do not have a time stamp and thus are eternal. In typical web design of blogs, such pages are not displayed in the main column where posts keep coming, but in special places where they are always visible. 

    Since the standalone pages have a unique personality, they quietly define your blog's standard and trustworthiness. The additional information the pages provide make the visitors stay on the blog longer. Some pages add to the blog's reputation by establishing the blogger as trust-worthy. Therefore, you should not take the creation and placement of standalone pages lightly.

    We use these pages usually for the following purposes:
    1. Giving information about the blogger and/ or the blog: Usually we call such a page as 'About us' page. It tells how the blog started, what all it contains, who all are behind the blog, what is its guiding principle and so on.
    2. Giving contact information: There could be a separate 'Contact us' page or the contact information could be part of the 'About us' page. Google says, blogs/ websites with a page on the owner's contact details are more trusted as compared to those whose owner remains hidden. The contact information includes URLs for specific purposes (e.g. customer service, product details, downloads), email ID, telephone number, physical address,)
    3. Giving background information about the topics covered in the blog: Since pages come and go, they do not stay on top of home page unless specially pinned. Pages, being static, serve well as the storehouse of background information that does not change too often.
    4. Giving the visitor additional information on your product or service: Let us illustrate this with the example of an author blogger. There can be information about the book on sidebar and on posts, but if you want to share a chapter or take the visitor to your creative journey or give interesting information on characters/ locations, a page can be the best way to do that. Same goes for other products or services.
    5. Asking visitors to take action: Such a page is called 'call to action' or 'landing' page. A page comes handy when you want to hook the visitor - a potential client - to buy your product or take any other action (e.g download an ebook, subscribe to updates, refer your blog to a friend). Bloggers/ website owners who sell products and services often have a long promotional article full of pitch for purchase, testimonials, etc on the landing page.
    6. Providing manually curated resources: Many bloggers manually make a list of the best posts on the blog. Some give a list of external resources. Some produce an FAQ list.
    7. Providing specific information. Standalone pages come handy when you organize a web even or a real-life event or carry out a project. Standalone pages give all details of the project in one place.  
    8. Giving website policies: You can put all policies such as privacy policy, cookie policy and comment policy on a separate page and link it to the homepage of your website/ blog. Similarly, disclaimers and disclosures about your content and conditions for using it can be included in that page.
    9. Guiding visitors in case of broken link: You should have a '404 error page' that is displayed when any webpage in your blog is not displayed due to misspelling or using wrong URL by the user or the webpage not being available due to some other error. This page should apologize for the inconvenience caused to the reader and guide him where to go from there.

     

    Where to display static pages?


    Standalone pages do not pose problem of display unlike other design elements such as widgets. Static pages are best displayed as links or buttons on the homepage and within posts when they need to be cross-referenced. The menu bar just under the title is the best place for some such pages. Sidebar is also good for displaying standalone pages. From web design point of view, the last bar on the blog or website is the best place for linking pages relating to disclaimer and web policies as they need not take up prime space. 

    page web design


    You should prominently display the 'About us', 'Contact us' and 'call to action' pages. There is no need to display the 'broken link' page. 

    Some bloggers like to make a static page as the homepage of the blog to give the blog the look of a website. That is a design choice but in our view it partly reduces the 'blogging' feel and serves no good purpose.

    Wordpress (both CMS and blogging platform) and Blogger allow easy creation of static pages and customization of their placement from the dashboard.